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Taragarh fort Ajmer history,guidance,height,distance get the detail

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Taragarh fort Ajmer history & full informetion in hindi, guidande, get the detail- तारागढ़ किला के बारे में जानकारी  taragarh fort ki history- इतिहास  places to visit in Ajmer - taragarh fort Ajmer  तारागढ़ विशव  प्रसिद्ध अजमेर दरगाह धुमने आए पर्यटकों द्वारा ज्यादा देखा जाता है। तारागढ़ का दुर्ग राजस्थान के अजमेर में अरावली पर्वत पर स्थित है। इस किले का निर्माण 11 वि सदी में सम्राट अजय पाल  चौहान ने विदेशी या तुर्की के आक्रमणों से रक्षा हेतु करवाया था मेवाड़ के कुंवर पृथ्वीराज ने अपनी पत्नी तारा के कहने पर इस महल को पुन विकसित किया गया जिसके कारण यह तारागढ़ के नाम से प्रसिद्ध है। और ये brst tourist places in Ajmer बना है। ब्रिटीश काल में इसका उपयोग चिकित्सालय के रूप में किया गया था कर्नल ब्रोटन के अनुसार बिजोलिया शिलालेख (1170 ईस्वी )में इसे एक अजेयगिरि दुर्ग बताया गया है।राजस्थान के अजमेर में जाने पर ऐसा लगता है। मानो तारागढ़ हमें बुला रहा है। यह अपने भव्य एव गोरवशाली इतिहास के लिए फेमस है।  अजमेर की सबसे ऊंची पर्वत श्रंखला पर स्थित तारागढ़ दुर्ग को 1832 में भारत के गवर्न

Foy sagar lake Ajmer tourist places in Ajmer history,timing,

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foy sagar lake Ajmer places to visit ,history,timing, things to do - फॉय सागर झील के बारे में जानकारी  foy sagar lake Ajmer ki history-इतिहास  places to visit in Ajmer foy sagar lake Ajmer  राजस्थान के अजमेर में एक अंग्रेज द्वारा बनवाया गया था उस अंग्रेज का  नाम इंजीनियर मिस्टर फोय से इस झील का नाम रखा गया है इस झील का निर्माण 1892 अकाल राहत प्रयोजना के रूप में करवाया गया था अकाल के दौरान शहर और इसके आस -पास के इलाकों में पानी की कमी को दूर करने  के लिए किया गया था यह एक कृत्रिम झील है यह झील 14 000 000 वर्ग फिट में फैली हुई है इसकी मूल क्षमता 15 मिलियन क्यूबिक फिट है और पानी 13 00 000 भी फैला  हुआ है झील पर एक शिलालेख बना हुआ है जो झील की सभी तकनीकि जानकारी देता है। जिसमे इसकी गहराई और विस्तार बताया गया है और इसमें 15 मिलियन क्यूबिक पानी हो सकता है। foy sagar lake Ajmer ki guidance-दिशा -निर्देश  foy sagar lake in Ajmer  एक कृत्रिम झील है जो की   best tourist places in Ajmer  से एक बन गया है। यह झील पानी के एक महत्वपूर्ण स्रोत के साथ- साथ प्रसिद्ध  पिकनिक स्

Ana sagar lake Ajmer places to visit, images,history

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Ana sagar lake Ajmer places to visit in ajmer,images,history,tourist places near Ana sagar lake- आना सागर झील के बारे जानकारी  Ana sagar lake ki history-इतिहास  places to visit in Ana sagar lake Ajmer    राजस्थान राज्य के अजमेर शहर में स्थित एक कृत्रिम झील है इस झील को पृथ्वीराज चौहान के दादा अर्नोराजा (उर्फ़ अन्ना )द्वारा जनता के सहयोग से बनवाया गया था इसका निर्माण 1135 से लेकर 1150 तक पूर्ण हुआ था यह झील लगभग 13 किमी में फैली हुई है झील का अधिकतम जल ग्रहण करने का क्षेत्र (5 किमी एव झील की  अधिकतम गहराई 4. 4 मीटर (14 फिट  ) है। इस झील का अधिकतम जल ग्रहण करने की क्षमता 9 750 000 मीटर (6 210 000 धन गज )है अजमेर की आनासागर झील पानी से लबालब होने के बाद गेट खोले जाते है जिससे पानी जलस्रोत की और बढ़ता है जिससे जलस्रोत पानी से एक के बाद एक भरते जाते है यह अजमेर के पर्यटक आकर्षणों में से एक है। झील के केँद्र में एक द्वीप है जहाँ नाव  से पहुंचा जा सकता है नावों को दौलत बाग पुर्व की और से किराए पर लेकर सवारी की जा सकती है।यह झील अजमेर में सबसे बड़ी है। best tourist place in Ajmer

Ajmer jain temple | soniji ki nasiyan,tinimg,Aarti,things to do

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Ajmer jain temple-soniji ki nasiyan,Aarti timing अजमेर जैन मंदिर के विशेष तथ्ये एवं मंदिर के बारे में जानकारी Ajmer jain temple ki history-इतिहास  places to visit in ajmer -Ajmer jain temple राजस्थान के अजमेर शहर में स्थित सोनीजी की नसिया एक प्रसिद्ध जैन मंदिर है जो की अजमेर शहर के पृथ्वीराज मार्ग पर स्थित है इस मुख्य जैन मन्दिर की नीव 10 अक्टूबर 1864 में रखी गई थी और प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ ) की प्रतिमा 26 मई 1865 को गर्भगृह  में स्थापित की गई थी।    Ajmer jain temple-soniji ki nasiyan   उन्नीसवी शताब्दी के अंत में बनाया गया था स्वर्णनगरी सोने के शहर के रूप में जाने वाला मुख्य कक्ष अयोधया का चित्रण करने के लिए 1000 किलोग्राम सोने का उपयोग किया गया जिसके कारण यह best tourist places in ajmer है।  अजमेर का सोनी परिवार 1865 में ऋषभदेव या आदिनाथ को समर्पित मंदिर का निर्माण कुछ ही वर्षो में शुरू किया लेकिन 1870 से 1895 तक तो कारीगरों ने फेशन डिजाइन करने में लगा दिये गए। Ajmer jain temple guidence & thingds to do- दिशा -निर्देश एवं देखने के स्थान   S

Nareli jain temple Ajmer history timing more informetion

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Nareli Jain Temple Ajmer - history timing & more informetion  - नारेली जैन मंदिर के बारे में जानकारी  Nareli jain temple in ajmer ki history-इतिहास  Nareli jain temple in ajmer यह नारेली जैन मंदिर राजस्थान के अजमेर में स्थित best tourist place है यहां पर पर्यटक शहरी वातावरण को छोड़कर पहाड़ी क्षेत्रो का आनन्द लेने आते है   places to visit in ajmer   का Nareli jain temple  मन्दिर श्री ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है आरके मार्बल के अशोक पाटनी द्वारा बनाया गया एक आधुनिक भवन है आचार्य श्री विधा सागर के शिष्य जैन ऋषी मुनि सुधा सागर ने  मन्दिर के निर्माण का आशीर्वाद दिया और भवन कार्य 1994 -95 को शुरू हुआ।  वर्ष 2002 में मन्दिर परिसर में अष्टधातु की सबसे बड़ी मुर्तिया स्थापित की जा रही है मन्दिर की लागत लगभग 50 करोड़ रुपये गये थे  लेकिन  100 करोड़ रुपये के करीब लागत समाप्त हो गई। places to visit in ajmer में   नारेली जैन मन्दिर का मैदान पूरा पहाड़ी क्षेत्र पर आधारित है और असंख्ये भक्त मन्दिर विशेषकर जैन समुदाय जो दिगंबर समुदाय से संबंधित हो। Nareli jai

Adhai din ka jhonpra- history & guidance

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Adhai din ka jhonpra in Ajmer  Rajasthan -history & guidance | अढ़ाई दिन का झोंपड़ा बारे में दिशा -निर्देश  adhai din ka jhonpra in ajmer ki history- इतिहास   places to visit in  ajmer अढ़ाई दिन का झोपड़ा राजस्थान के अजमेर में स्थित मस्जिद है  यह स्मारक सबसे  पहले संस्कृत  महाविधालय के रूप में था जिसमे माँ सरस्वतीं का मन्दिर भी बना हुआ था इसका निर्माण 1192 में  क़ुतुब-उद -दीन -ऐबक को मुहम्मद गोरी के द्वारा दिए गए आदेश के अनुशार शुरू करवाया गया एव 1199 में निर्माण पूरा हुआ। मुहम्मद गोरी के आदेश में कहा गया की इस स्मारक को नस्ट करके इस जगह मस्जिद  बनाया जाये एव इसका निर्माण 2-1 /2 दिन में किया जाऐ (यानि मात्र  60 घंटो के भीतर )जिस कारण से इस मस्जिद का नाम अढाई दिन का झोपडा हो गया। places to visit in ajmer adhai din ka jhonpra  यह भारत के सबसे पुराने मस्जिद में से एक है और अजमेर में सबसे पुराना स्मारक है इस मस्जिद का मुख्य आर्च 60 फिट ऊंचा है इसकी मीनारे 11.5 फिट मोटी दीवार के शीर्ष पर स्थित है adhai din ka jhonpra guidance-दिशा -निर्देश एवं जानकारी   Adhai din ka jhon

ajmer sharif dargah-timing,miracle,history,facts,urs festival

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Ajmer sharif dargah-timing,miracle,history,guidance,facts, urs festival-अजमेर शरीफ दरगाह -ख्वाजा मोइनुदीन चिशती की दरगाह  tourist places in ajmer -अजमेर शरीफ दरगाह,यह राजस्थान के अजमेर में लोकप्रिय और महत्वपूर्ण मुस्लिम तीर्थ स्थल है यह दरगाह ख्वाजा मोहिनुद्दीन चिश्ती की है वह  सूफी संत थे उन्होंने अपना जीवन ग़रीबो व दलितों की सेवा में समर्पित किया था ajmer  sharif dhargh ki history - इतिहास  tourist places in ajmer मोहिनुद्दीन चिश्ती ख्वाजा ग़रीब नवाज की दरगह का निर्माण तारागढ़ की तलहटी में  1143में शुरू किया गया और 1233 में पूरा किया गया  था मांडू के सुल्तान गयासुदीन खिलजी ने इसे सन  1464 में पक्का करवाया था मुग़ल शासन के दौरान इसका और विस्तार हुआ। यहाँ अकबर ने 1570 ई 'अकबरी मस्जिद' बुलंद दरवाजा 'एवं महफिलखाना बनवाया। दरगह के पूर्वी दरवाजे पर शाहजहाँ बेग़म द्वारा बनवाया हुआ।बेगमी दालान है   ऐसा मन जाता है की ख्वाजा ने अपनी अपनी मौत से 6  दिन पहले खुद को एक कमरे में बंद कर  लिया था उन्होंने अपने नश्वर शरीर को एकांत में छोड़ दिया था तब से यह दरगह एक लोकप्रिय धार्मिक स्थ